Thursday, 3 August 2017

12 वर्ष के बाद राखी के त्योहार वाले दिन चंद्र ग्रहण लगेगा। _7-08-2017_____________________

12 वर्ष के बाद राखी के त्योहार वाले दिन चंद्र ग्रहण लगेगा।
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-7 अगस्त 2017 को रक्षाबंधन वाले दिन चंद्र ग्रहण लगेगा ।राखी बाँधने का शुभ समय का होगा । जब भी कोई ग्रहण लगता है उससे 9 घंटे पहले सूतक लग जाता हैं।मुहूर्त का विचार करना भी अति आवश्यक है।राहू काल, भद्रा का विचार सबसे जरूरी हैं।इस काल मे सभी शुभ कार्य वर्जित होते है।राहू काल का आरंभ सुबह 7बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक है ।भद्रा का समय सुबह 11 बजकर 05 मिनट तक है।इस काल मे राखी बाँधना वर्जित होता है।राखी बाँधने का शुभ समय सुबह 11 बजकर 07 मिनट से आरंभ 1 बजकर 50 मिनट दोपहर तक है।1 बजकर 53 मिनट सूतक आरंभ हो जायेगा और चंद्र ग्रहण का आरंभ रात 10 बजकर 53 मिनट से 12 बजकर 28 मिनट तक है। रक्षा बंधन के त्योहार का आरंभ कैसे हुआ था । यह त्रेता युग मे भगवान विष्णु का पाँचवा अवतार भगवान वामन के रूप में हुआ है।दानवओ ने बहुत ज्यादा अत्याचार किया था। तब भगवान वामन अवतार मे आ ये और भक्त प्रहलाद के पोते बली महाराज जी के पास आएँ।महाराज बली बहुत दानवीर और दयावान थे ।स्वर्ग पर स्थाई राज्य स्थापित करने के लिए यज्ञ
करना आरम्भ किया और उसी समय भगवान वामन जी, वहाँ आए और महाराज बली ने उनका उचित सत्कार किया | महाराज बली को बड़ा अभिमान था कि मै अधिक शक्तिशाली और दानी पुरुष हूँ इसी लिए भगवान से कुछ देने की इच्छा व्यक्त की, पहले वामन भगवान ने लेने से मना किया | फिर मान गए |  मुझे केवल तीन पग भूमि दान दे दो | पहले पग में सारी पृथ्वी और दूसरे पग में स्वर्ग को नाप लिया था | तीसरे के बारे में इच्छा व्यक्त कि उसके लिए राजा बली अपना सिर कर दिया था |
    भगवान ने राजा बली को पाताल लोक में रहने की आदेश दिया था तो राजा बलि भगवान से प्रार्थना कि आपको मेरे पास रहना होगा।प्रभु को अपना द्वारपाल बना लिया था।माँ लक्ष्मी जी को चिन्ता हुई तो सावन मास आखिरी सोमवार को भेष बदल कर राजा बली के पास गई और वहाँ जाकर राजा बली को रक्षा का धागा बाँध दिया और एक वचन लिया था कि जो मै आप से माँग करूँगी वह आप को देना पड़ेगा कि माँगे उन्हें कहा आप अपने द्वारपाल को मुझे दे दो।उस दिन से रक्षा बंधन का त्योहार मनाया जाता हैं।
 करूँगी।
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